Heart Touching |sad Shayari in Hindi | दर्द भरी मोहब्बत की ग़ज़ल – शायर मुबारक खान ⭐
Sad shayari in hindi | love poetry | gazal | sad
Mohababt me galatfahmiyan
बेवजह की रंजिशों में दिल दुखाया है बहुत,
ख़ुद को अपनी ही नज़र में गिर गिराया है बहुत।
देर से जब उसने भेजा इक ज़रा सा ही जवाब,
शक के गहरे बादलों को फिर बुलाया है बहुत।
गु़स्से-गु़स्से में उसे जो ब्लॉक था मैंने किया,
उस घड़ी से रूह को अपनी सताया है बहुत।
कट गया जब फोन मेरा दो दिनों के बाद भी,
अपनी उस औकात को मैंने रुलाया है बहुत।
थी शिकायत उस सवाल-ए-ग़म में और उल्फ़त भी थी"
उसकी उस मासूमियत ने जग हँसाया है बहुत।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें