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दिल को रुला देने वाली दर्द भरी ग़ज़ल | Heart Touching Hindi Ghazal 2026 | Sad Love Shayari

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  दिल को रुला देने वाली दर्द भरी ग़ज़ल | Heart Touching Hindi Ghazal 2026

Heart Touching |sad Shayari in Hindi | दर्द भरी मोहब्बत की ग़ज़ल – शायर मुबारक खान ⭐

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7.रात की सदा । Sad Shayari ।gazal love poetry ।shayar mubarak khna ।

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   धड़कनें भी ज़ोर से तब डगमगा आ जाती थीं, नींद आँखों से अचानक दूर जा आ जाती थी। रात के ग्यारह बजे जब जागता था सारा शहर, बात करते-करते तेरी ही सदा आ जाती थी चुपके-चुपके बात करना रात के इस मोड़ पर, याद बचपन की कोई जैसे ज़रा आ जाती थी। बस तेरा ही नाम पाकर मुस्कुरा ही देता था सामने तस्वीर तेरी मुस्कुरा आ जाती थी। ख़्वाब हों या डर हों दिल के, सब बयां होने लगे, बीच में ही हिचकियाँ भी जान-ए-जाँ आ जाती थीं।  -- शायर मुबारक खान --

6.ग्यारह बजे की आवाज़ । Love shayari ।shayar mubaeak khan । Gazal ।

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   ग्यारह बजे की चुप में जब दिल ने तुझे आवाज़ दी, फिर धड़कनों की तेज़ उस हलचल ने क्या आवाज़ दी। सोए हुए सब लोग थे, जागी हुई बस याद थी, खामोश उस कमरे में इक पागल ने क्या आवाज़ दी।   देखा जो मेरा नाम तो रोशन हुई मेरी सहर उस कोने के पीछे छिपी ओझल ने क्या आवाज़ दी। काँपे हुए हाथों से जब 'हैलो' लिखा था रात को, फिर इश्क़ के उस पहले ही पल-छिन ने क्या आवाज़ दी। बचपन की बातें, ख़्वाब, डर, और मुस्कुराना बिन कहे, सादा से उन लफ़्ज़ों में उस कोमल ने क्या आवाज़ दी।    -- शायर मुबारक खान --

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वही यादें, वही चेहरा, वही मंज़र निकल आया पुरानी धूल जो झाड़ी तो इक पैकर निकल आया ज़माना कह रहा था तू फ़क़त मेरी अमानत है तुझे देखा तो दिल सीने से ही बाहर निकल आया सबक मासूमियत का जब कहा तूने दोबारा है कलाम-ए-पाक पढ़ते ही मुक़द्दर जाग आया है किताबें दरमियाँ थीं और हम खामोश बैठे थे निगाहों से ही चाहत का हर इक दफ़्तर निकल आया कहा तूने मुबारक आप के हैं सख़्त से लहजे मगर उस एक हंसी में वफ़ा का दर निकल आया सुना जब शहर जाने का तेरा क़िस्सा तो यूँ समझा मिरी आँखों के रस्ते दिल का सब ज़ौहर निकल आया दुआओं में तुझे माँगा तुझे सोचा तुझे पाया मोहब्बत की तड़प में इश्क़ का महवर निकल आया  -- शायर मुबारक खान --

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