हद-ए-हुस्न | shayari love | emotional rlshayari | romentic shayari | gazal | urdu poetry | urdu shayari |

 Shayari Attitude |Shayari Life | Shayari Love
 | Shayari in Hindi Love | Shayari Hindi |

  Shayari copy |Shayari Sad | Shayari New 

हसीं तुम हद से बढ़ कर गुल-नुमा लगने लगी हो,

मुझे तुम आज कल बिल्कुल ख़ुदा लगने लगी हो।


तुम्हारी मुस्कुराहट ने किया जादू है ऐसा,

क़यामत की कोई दिलकश अदा लगने लगी हो।


मेरी रातों की रौनक़, दिल का तुम आराम बन कर,

सनम तुम इश्क़ में मेरी वफ़ा लगने लगी हो।


मेरा हर हर्फ़ तुम पर ही ख़तम होगा कुछ इस तरह,

कि तुम हर एक मिसरे की सफ़ा लगने लगी हो।


नज़र से दूर मत जाना कि जी पाऊँगा ना मैं,

ज़रूरी तुम मेरी अब हर दुआ लगने लगी हो।

💓💖💖

   – मुबारक खान –


You tube- Subscribe
Facebook- Follow us  
Instagram-Follow us

  Shayar Mubarak khan 













टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ज़िंदगी के झमेले – हिंदी शायरी पुस्तक PDF | Read Online & Download | shayar Mubarak Khan